संक्षेप में:
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राजद और जेडीयू के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा, तो जेडीयू ने भी पलटवार करते हुए लालू यादव के 2015 के राज का खुलासा किया और कहा कि उनके पास इसके सबूत भी हैं।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर राजद (राष्ट्रीय जनता दल) और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मंगलवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार दो बार हाथ जोड़कर उनके पास आए थे। तेजस्वी ने नीतीश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी राजनीति का असर और विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।
जेडीयू ने किया पलटवार, खोला 2015 का राज
तेजस्वी के आरोपों पर जेडीयू ने भी पलटवार किया है। जेडीयू नेता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के बयान का जवाब देते हुए कहा कि “पिता रहे अंधेरे में, बेटा बने पावर हाउस।” उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे सच को कबूल करें और प्रवचनकर्ता बनने से बचें। नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव के 2015 के कारनामों के बारे में सबूत मौजूद हैं और जेडीयू इन्हें सार्वजनिक कर सकती है।
तेजस्वी के आरोप और जेडीयू की प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे, जिससे जेडीयू नेताओं में नाराजगी है। जेडीयू ने तेजस्वी के बयानों को बेबुनियाद और सियासी फायदे के लिए दिया गया बताया है। जेडीयू ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव को राजनीति के असली मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि भावनात्मक और अनर्गल आरोपों पर।
चुनाव से पहले गर्म हुई बिहार की राजनीति
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले यह बयानबाजी राजनीति का माहौल गर्मा रही है। जहां तेजस्वी यादव अपनी पार्टी की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं जेडीयू उनके आरोपों का जवाब देकर अपना पक्ष साफ करने में लगी है।
इस सियासी संघर्ष ने बिहार के चुनावी माहौल को और अधिक गरम कर दिया है, जहां दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति बढ़ती जा रही है।